मां मनोकामना देवी
मनोकामना भगवति गोरखा में स्थित मनोकामना मंदिर भी एक महत्वपूर्ण देवी स्थान शक्तिपीठ माना जाता है। मन की कामना पूरी होती है ऐसा माने जाने के कारण इस भगवती का नाम मनोकामना पड़ गया। रामशाह की रानी स्वयं मनोकामना भगवती का अवतार थी। यह जन विश्वास है। दशहरे में पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं की बहुत बड़ी भीड़ लगती है। यहां प्रत्येक अष्टमी के दिन बली चढ़ाने की परंपरा है जिससे मनोकामना के दर्शन से मनोकांक्षा पूर्ण होती है
पशुपतिनाथ
पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की राजधानी काठमाडू से 3 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में बागमती नदी के किनारे देवपाअन गांव में स्थित एक मंदिर आस्था रखने वालों मुख्य रूप में हिंदुओ को मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति है। गैर हिंदू आंगतुकों को इसे बाहर से बागमती नदी के दूसरे किनारे से देखने की अनुमति है। यह मंदिर नेपाल में शिव का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है। 18 वीं शाताब्दी के राजा प्रताप मल्ल से शुरू हुई परंपरा है कि मंदिर में चार पुजारी भट्ट और एक मुख्य पुजारी दक्षिण भारत के ब्राह्मणों में से रखे जाते है। पशुपतिनाथ में शिवरात्रि का पर्व विशेष महत्व के साथ मनाया जाता है।
लुंबिनी
भगवान बुद्ध का जन्म स्थान है। यह भारत के बिहार राज्य की उत्तरी सीमा के निकट वर्तमान नेपाल में स्थित है। युनेस्को तथा विश्व के सभी बौद्ध सम्प्रदाय महायान बज्रयान थेरवाद आदि। के अनुसार यह स्थान आज नेपाल के कपिलवस्तु में है जहाँ पर युनेस्कों का अधिकारिक स्मारक लगाये गये हैं। सभी बुद्ध धर्म के सम्प्रदायों ने अपने संस्कृति अनुसार के मंदिर, गुम्बा आदि निर्माण किये है। इस स्थान पर सम्राट अशोक द्वारा स्थापित अशोक स्तम्भ में ब्राह्मी लिपिकृत प्राकृत भाषा में बुद्ध का जन्म स्थान होने का वर्णन किया हुआ शिलापत्र व्यवस्थित है। वर्तमान में इसे रूम्मनदेई नाम से पहचाना जाता है।
पोखरा
नेपाल के पश्चिमांचल विकास क्षेत्र में स्थित एक नगर है। यह नगर गण्डकी अचल का कास्की जिला के पोखरा घाटी में स्थित है। यह नेपाल का दूसरा बड़ा शहर है। पोखरा नेपाल के पश्चिमांचल विकास क्षेत्र गण्डकी अंचल और कास्की जिला का सदरमुकाम है।
काशी विश्वनाथ
पौराणिक मान्यताओं (विशेषकर स्कंद पुराण के 'काशी खंड' में) के अनुसार, एक बार देवी पार्वती अपने पिता के घर (हिमालय) में रह रही थीं。वहां उनका मन नहीं लगा और उन्होंने भगवान शिव से उन्हें अपने साथ ले जाने का आग्रह किया。उनकी बात मानकर शिवजी उन्हें काशी ले आए और 'विश्वनाथ-ज्योतिर्लिंग' के रूप में सदा के लिए यहीं स्थापित हो गए。
अयोध्या राम मंदिर
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली है。रामायण और अन्य ग्रंथों के अनुसार, उनके बैकुंठ धाम गमन के बाद उनके पुत्र कुश ने अयोध्या का पुनर्निर्माण कराया था。
गयाजी
दुनिया के सबसे प्राचीन और पवित्र शहरों में से एक है। यह शहर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म का प्रमुख केंद्र है। इसे 'मोक्ष की भूमि' और 'ज्ञान की भूमि' भी कहा जाता है। 'वायु पुराण' के अनुसार, गयासुर नाम के एक राक्षस ने कठोर तपस्या की और उसका शरीर पवित्र हो गया। भगवान विष्णु ने उसे वरदान दिया कि उसका शरीर मोक्ष का द्वार बन जाएगा। गयासुर के शरीर पर ही गया शहर बसा। रामायण और महाभारत में इस शहर का उल्लेख 'गयापुरी' के रूप में मिलता है। मान्यता है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने फल्गु नदी (निरंजना) के तट पर राजा दशरथ का पिंडदान किया था।